4 फ़रवरी 2019 - 17:58
ईरान ने किस तरह संसार की एरोस्पेस तकनीक के समीकरणों को बदल डाला?

दुनिया उस समय आश्चर्यचकित रह गई जब ईरान ने एक जीव के साथ अपने दूसरे उपग्रह को अंतरिक्ष में भेज दिया जो 120 किलो मीटर का फ़ासला तै करने के बाद सुरक्षित वापस लौट आया।

अगर संसार के एरोस्पेस तकनीक संपन्न देशों में ईरान के शामिल होने के इतिहास और इस क्षेत्र में ईरान की प्रगति पर एक दृष्टि डाली जाए तो उसकी आजकी स्थिति का महत्व स्पष्ट हो जाएगा। आज से ठीक दस साल पहले फ़रवरी 2009 में ईरान ने सफ़ीर-2 सेटेलाइट कैरियर के माध्यम से अपना पहला उपग्रह अंतरिक्ष में भेजा था और जब उसका उमीद नामक उपग्रह अंतरिक्ष में स्थापित हो गया तो वह औपचारिक रूप से एरोस्पेस तकनीक से संपन्न देशों में शामिल हो गया।

उसके बाद के बरसों में ईरान ने सफ़ीर-1A के माध्यम से रसद और सफ़ीर-1B के माध्यम से नवीद उपग्रह को अंतरिक्ष में भेजा और फिर उसने बड़े तेज़ी से अपने उपग्रहों व सेटेलाइट कैरियरों को विकसित करना शुरू किया। इसके बाद ईरान ने नवीद उपग्रह और सीमुर्ग़ सेटेलाइट कैरियर बनाया। यह सेटेलाइट कैरियर इतना विकसित था कि इसकी आरंभिक रफ़्तार 28 हज़ार किलो मीटर तक पहुंच गई थी। अंत में ईरान ने चार फ़ेज़ के इंजन वाला क़ायम सेटेलाइट कैरियर बनाया। इस प्रकार के कैरियर की टेकनालोजी केवल कुछ ही देशों के पास है।

इसके बाद ईरान ने ऐसे एक्सप्लोरर बनाना शुरू को वायुमंडल से बाहर जाकर खोज कर सकते थे। इसी परिप्रेक्ष्य में ईरान ने कावुशगर-3 नामक एक्सप्लोरर को एक चूहे, दो कछुओं, कुछ कीड़ों और मानवीय कोशिकाओं के साथ अंतरिक्ष में भेजा। उसके कुछ ही समय बाद ईरानी वैज्ञानिकों ने एक ऐसा एक्सप्लोरर अंतरिक्ष में भेजा जिसमें बंदर था। एक्स्प्लोरर की वापसी के समय बंदर की मौत हो गई।

अंतरिक्ष विज्ञान में ईरान का एक बड़ा क़दम 28 जनवरी 2013 को उठाया  गया जिसके अंतर्गत एक तीन वर्षीय बंदर को अंतरिक्ष में भेजा और 16 मिनट बाद वह एक्सप्लोरर सुरक्षित वापस आ गया। यह बंदर अंतरिक्ष में 120 किलो मीटर का फ़ासला तै करके धरती पर सुरक्षित वापस आ गया था। संसार ने उस समय अंतरिक्ष विज्ञान में ईरान की वैज्ञानिक उपलब्धियों की पुष्टि की जब उसने नवम्बर 2014 में दूसरी बार एक बंदर को अंतरिक्ष में भेजा और वह भी 120 किलो मीटर का फ़ासला तै करके धरती पर सुरक्षित लौट आया। ईरान अगले पांच बरसों में मनुष्य को अंतरिक्ष में भेजने और एरोस्पेस में अपनी क्षमताओं को सिद्ध करने या दूसरे शब्दों में एरोस्पेस की शक्ति बनने का इरादा रखता है।